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गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है और गणेश चतुर्थी का इतिहास क्या है

गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi in Hindi) भारत में मनाए जाने वाले उन त्यौहारों में शामिल है जो काफी धूमधाम से और हर्षोल्लास से मनाया जाता है। ये उन चुनिंदा त्योहारों में भी शामिल है जो लगभग भारत के लगभग सभी राज्यों में एक साथ मनाया जाता है।

ये हर साल मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी 2021 (Ganesh Chaturthi 2021) में भी मनाया जाएगा।

गणेश चतुर्थी के बारे में लोगों ने तो काफी सुना भी है और लोग मनाते भी है। लेकिन काफी लोगों को नहीं मालूम है कि गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है या गणेश चतुर्थी क्यों मनाते हैं (Ganesh Chaturthi kyo manate hain).

इसके अलावा गणेश चतुर्थी का इतिहास क्या है, इस बारे में भी काफी लोगों को जानकारी नहीं है। इसके अलावा गणेश चतुर्थी के महत्व के बारे में भी ज्यादातर लोग अवगत नहीं हैं।

तो चलिए आपको इस आर्टिकल में हम बताते हैं कि गणेश चतुर्थी का महत्व क्या है, गणेश चतुर्थी क्यों मनाते हैं तथा गणेश चतुर्थी के बारे में हिंदी में ( About Ganesh Chaturthi in Hindi) हम और भी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देंगे।

गणेश चतुर्थी क्या है – Ganesh Chaturthi kya hai

वैसे तो ज्यादातर लोगों को मालूम है कि गणेश चतुर्थी क्या है। लेकिन जिन लोगों को नहीं मालूम है कि गणेश चतुर्थी क्या होता है, तो उनके लिए हम बता दें कि गणेश चतुर्थी एक त्यौहार है जो पूरे भारत में खासकर मुंबई में मनाई जाती है। गणेश चतुर्थी हर साल मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से गणेश चतुर्थी प्रत्येक साथ अलग-अलग महीने में मनाया जाता है।

गणेश चतुर्थी को कई अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है। इसकी वजह यह है कि हिंदू मान्यताओं के अनुसार गणेश जी के 108 नाम है। ऐसे में इनके अलग-अलग नामों के आधार पर भी इस दिन को जाना जाता है। गणेश चतुर्थी का जो दूसरा सबसे मशहूर नाम है वह गणेशोत्सव और विनायक चतुर्थी है।

गणेश चतुर्थी का उत्सव 10 दिनों तक चलता है और दसों दिन विशेष पूजा अर्चना की जाती है। गणेश चतुर्थी की शुरुआत गणेश जी की मूर्ति घरों में स्थापित करने से होती है। गणेश जी में आस्था रखने वाले लोग गणेश जी की मूर्तियां अपने घरों में स्थापित करते हैं।

उसके बाद लगातार 10 दिनों तक पूजा की जाती है। पूजा के माध्यम से गणेश जी को प्रसन्न करने की कोशिश की जाती है। माना जाता है कि पूजा से खुश होने के बाद पूजा करने वाले की हर मनोकामनाएं पूरी होती है।

गणेश चतुर्थी के मौके पर की जाने वाली पूजा की विधियां भी काफी अलग होती हैं तथा इस दौरान पूजा के मौके पर कई तरह के प्रसाद भी बांटे जाते हैं। जब गणेश चतुर्थी का 10 दिन का उत्सव समाप्त होता है तो गणेश जी की मूर्तियां नदियों में बहा दी जाती।

ऐसा हर साल किया जाता है।

गणेश चतुर्थी क्यों मनाया जाता है – Why do we celebrate Ganesh Chaturthi?

गणेश चतुर्थी तो गणेश जी में आस्था रखने वाले लगभग सभी लोग मनाते हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को मालूम है कि गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है। दरअसल गणेश चतुर्थी गणेश जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।

गणेश जी का जन्मोत्सव 10 दिनों तक मनाया जाता है। गणेश जी हिंदू धर्म में काफी ऊंचा स्थान रखते हैं तथा इन्हें काफी शक्तिशाली भगवान में से एक कहा गया है। यही वजह है कि इनके जन्म दिन के मौके पर लोग विशेष पूजा अर्चना करते हैं तथा इनसे अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।

गणेश चतुर्थी का महत्व – Ganesh Chaturthi ka mahatv

हिंदू धर्म में मान्यता है कि गणेश जी हर तरह की मुश्किल और परेशानियों से लोगों की रक्षा करते हैं तथा उन्हें बचाते हैं। इसके अलावा यह भी मान्यता है कि गणेश जी ही अपने भक्तों की मनोकामनाओं को भी पूरी करते हैं तथा उन्हें बेहतर स्वास्थ्य, समृद्धि तथा लाभ देते हैं।

यही वजह है कि जीवन में सुख समृद्धि हासिल करने के लिए तथा अपनी जिंदगी को खुशहाल बनाए रखने के लिए हिंदू धर्म में लोग गणेश जी की पूजा अर्चना करते हैं। अब आपको समझ आ गया होगा कि Ganesh Chaturthi ka mahatv या Ganesh Chaturthi ka importance kya hai.

गणेश चतुर्थी का इतिहास – Ganesh Chaturthi ka Itihas

Ganesh Chaturthi (गणेश चतुर्थी)

अब तक आर्टिकल में आपको गणेश चतुर्थी से जुड़े कई महत्वपूर्ण जानकारी मिल गई होगी। चलिए अब हम बात करते हैं की गणेश चतुर्थी का इतिहास क्या है।

अब तक तो आपको मालूम चल गया होगा कि गणेश चतुर्थी गणेश जी के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि गणेश चतुर्थी सैकड़ों सालों से मनाया जा रहा है खासकर शिवाजी के जमाने से मुंबई में बड़े जोर शोर से गणेश चतुर्थी मनाया जाने लगा गणेश चतुर्थी का इतिहास (Ganesh Chaturthi History in Hindi) गणेश जी के जन्म के कहानियों से ही शुरु होता है।

गणेश जी के जन्म से जुड़ी कई कहानियां प्रचलित हैं। अलग-अलग धार्मिक ग्रंथों में गणेश जी के जन्म को लेकर अलग-अलग दावे मौजूद है। किन दो दावे ऐसे हैं जो काफी ज्यादा मशहूर हैं और ज्यादातर लोग इन्हीं 2 दावों पर यकीन भी करते हैं। चलिए हम भी आपको बताते हैं कि गणेश जी के जन्म से जुड़े दावे क्या-क्या हैं।

गणेश जी के जन्म से जुड़ी पहली कहानी यह है कि एक दिन पार्वती के पति यानी शंकर जी घर पर नहीं थे। उनके पीछे में ही पार्वती ने अपने बदन के मैल से तथा बदन पर मले गए चंदन को इकट्ठा करते हुए गणेश जी को बनाया। इसके बाद गणेश जी की मां पार्वती नहाने के लिए चली गई और गेट पर अपने बेटे यानी गणेश जी को खड़ा कर दिया। और उन्हें आदेश दिया कि कोई भी घर में आए तो उसे अंदर ना आने दिया जाए। क्योंकि मैं नहा रही हूं।

इतना कह कर पार्वती नहाने चली गई और गणेश मां की रक्षा में बाहर खड़े रहे। इसी दौरान पार्वती के पति शंकर आ गए। उन्होंने घर में प्रवेश करने की कोशिश की। जिसका विरोध गणेश जी ने किया। इस पर दोनों में युद्ध हुआ और गुस्से में शंकर जी ने गणेश जी का सर धड़ से अलग कर दिया। दरअसल वह अपने बेटे को नहीं पहचान पाए और उन्होंने उनका सर अलग कर दिया। अपने बेटे को ना पहचाने की वजह यह थी कि पार्वती ने अपने बेटे को अपने पति के पीछे में ही बनाया था।

जब पार्वती को पता चला कि उनके पति शंकर ने बेटे गणेश का सर अलग कर दिया है तो वह रोने लगी और जिद करने लगी कि बेटे को जिंदा करें। इसके बाद शंकर जी ने वचन दिया कि वह अपने बेटे को जिंदा करेंगे। इसके बाद वह अपने घर से बाहर निकल गए।

कटा हुआ सर उन्हें नहीं मिला। लेकिन बाहर एक हाथी का बच्चा जा रहा था। गणेश जी ने अपनी तलवार से उस हाथी का सर काटकर अपने बेटे के बदन पर लगा दिया। इस तरह गणेश जी फिर से जीवित हो गए। किसी की याद में गणेश चतुर्थी मनाया जाने लगा।

गणेश जी के जन्म से जुड़ी दूसरी मान्यता यह है कि जब धरती पर राक्षसों का आतंक बहुत ज्यादा बढ़ गया तथा वह देवताओं को बहुत ज्यादा परेशान करने लगे तो देवताओं ने पार्वती और शंकर जी से इसका उपाय ढूंढने को कहा तथा कोई हल निकालने को कहा।

देवताओं के अनुरोध पर ही पार्वती और शंकर जी ने गणेश जी को जन्म दिया। इसके बाद गणेश जी ने देवताओं को राक्षसों के आतंक से मुक्त कराया।

माना जाता है कि इसी तरह गणेश जी का जन्म हुआ। इसी जन्मदिन को मनाने के लिए गणेशोत्सव या गणेश चतुर्थी मनाया जाता है।

गणेश चतुर्थी 2021 कब है – Ganesh Chaturthi 2021 Date

गणेश चतुर्थी एक ऐसा त्यौहार है जिसका उत्सव 10 दिनों तक लगातार मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी प्रत्येक साल मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के हिसाब से बात करें तो गणेश चतुर्थी हिंदू कैलेंडर के भाद्र माह में मनाया जाता है।

अमूमन भाद्र महीना अंग्रेजी कैलेंडर में अगस्त और सितंबर के आसपास पड़ता है। गणेश चतुर्थी भाद्र महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यही वजह है कि इस से गणेश चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है।

अब अंत में बात करते हैं कि गणेश चतुर्थी 2021 कब है। (Ganesh Chaturthi 2021 kab hai) या Ganesh Chaturthi 2021 Date की बात करें तो 2021 में गणेश चतुर्थी शुक्रवार 10 सितंबर को मनाया जाएगा।

उम्मीद है कि गणेश चतुर्थी के बारे में आपको महत्वपूर्ण जानकारी इस आर्टिकल के माध्यम से मिली होगी। अगर आपको यह लेख पसंद आया है तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें।