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Eid Ki Namaz in lockdown: क्या ईद की नमाज़ अकेले पढ़ सकते हैं और Eid ki Namaz Akele Kaise Padhe

साल 2020 की तरह 2021 में भी भारत में कोरोना तबाही मचा रहा है। इस कारण 2020 की ही तरह 2021 में भी ईद की नमाज़ पर संकट के बादल छा गए है। लोगों के जेहन में सवाल आने शुरू हो गए हैं कि ईद की नमाज़ होगी या नहीं या Eid ki namaz lockdown mein Kaise होगी।

इसके अलावा लोगों के जेहन में आ रहा है कि eid ki namaz in lockdown या ईद की नमाज़ लॉकडाउन में कैसे पढ़ें। इसके अलावा लोग जानना चाहते हैं ईद की नमाज़ अकेले कैसे पढ़ें या Eid ki namaz ghar mein या Eid ki namaz akele Kaise padhe.

तो अगर आप भी जानना चाहते हैं कि Eid 2021 Lockdown में कैसे पढ़ें या eid namaz at home corona में अकेले कैसे पढ़ें. तो इस आर्टिकल को लास्ट तक पढ़ें। इसमें हम आपके सभी सवालों का जवाब देंगे।

और बताएंगे कि आप घर पर ईद की नमाज़ या Eid namaz at home corona या Ghar mein eid ki namaz कैसे पढ़ सकते हैं।

ईद की नमाज़ होगी या नहीं – Eid ki namaz hogi ya nahin

जो पहला सवाल लोगों के जेहन में आ रहा है वह यह है कि ईद की नमाज होगी कि नहीं (eid ki namaz hogi ya nahin). तो आपको बता दें कि जो सूरते हाल पूरे मुल्क में बना हुआ है उसे देखते हुए इस बात की पूरी संभावना है कि पिछले साल की तरह इस साल भी ईद की नमाज़ लॉकडाउन की वजह से ईदगाह या मस्जिदों भीड़ के साथ ईद की नमाज पढ़ने का मौका नहीं मिल पाएगा। लेकिन आप घर पर ईद की नमाज़ पढ़ सकते है।

अब दूसरा बड़ा सवाल ये है कि घर में ईद की नमाज़ कैसे पढ़ें या घर में ईद की नमाज़ कैसे पढ़ सकते हैं

लोगों के इसी सवाल को ध्यान में रखते हुए भारत में मुसलमानों  की एक अहम संस्था इमारत शरिया फुलवारी शरीफ, पटना ने 2020 में ईद के मौके पर एक फतवा जारी किया था। इसमें साफ तौर से बताया गया है कि लॉकडाउन के दौरान लोग के दौरान किस तरह पढ़ सकते हैं।

तो चलिए इमारत शरिया द्वारा जारी बयान के आधार पर हम बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान ईद की नमाज़ (eid ki namaz in lockdown) या ईद की नमाज़ घर में (Eid ki namz ghar par hogi ya nahin) या घर पर ईद की नमाज़ कैसे पढ़ सकते हैं!

लॉकडाउन में ईद की नमाज़ – Eid ki namaz in lockdown

इमारत सरिया बिहार झारखंड और उड़ीसा में जो ईद की नमाज के सिलसिले में बयान जारी किया है, उसके अनुसार ईद की नमाज़ वाजिब है और इसकी भी शरायत वही है जो जुमा के होते हैं, सिवाए खुतबा के।

इसके अनुसार जुमा का खुत्बा फर्ज है जो कि जुमा की नमाज से पहले दिया जाता है। जबकि ईद की नमाज में दिए जाने वाला खुतबा सुन्नत है। जो कि ईद की नमाज के बाद दी जाती है।

इस बयान में आगे यह भी कहा गया है कि ईद की नमाज में पढ़े जाने वाला खुतबा सुन्नत है। और किताबों से यह साबित है कि खुतबा के बगैर भी ईद की नमाज दुरुस्त हो जाती है। यानी कि अगर आप को ईद की नमाज में पढ़े जाने वाला खुतबा याद नहीं है, लेकिन नमाज पढ़ने का तरीका मालूम है तो आप बिना खुतबा के ईद की नमाज पढ़ सकते हैं।

इससे एक और बात साफ हो जाती है कि ईद की नमाज का खुतबा अगर आपको याद नहीं है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप ईद की नमाज छोड़ दें। बल्कि आप नमाज पढलें और अगर खुतबा याद ना हो तो छोड़ दे उसके बगैर भी आप की नमाज हो गई है।

ईद की नमाज़ घर पर कैसे पढ़े – Eid ki namaz ghar mein

आपको पता होगा कि पूरे देश में लगभग लॉकडाउन लागू है। इस दौरान मस्जिद और ईदगाह बंद है। और किसी तरह के धार्मिक आयोजनों पर भी पाबंदी लगा दी गई है। ऐसे में अब लोगों के दिमाग में एक बात आ रही है कि, चूंकि ईदगाह और मस्जिद तो बंद होंगे ऐसे में ईद की नमाज क्या घर पर पढ़ी जा सकती है या eid ki namaz ghar par ho sakti hai ?

इसका जवाब है कि जी हां, आप ईद की नमाज घर पर पढ़ सकते हैं। eid ki namaz lockdown के दैरान घर पर पढ़ना जायज़ होगा। लेकिन इमारत शरिया द्वारा जारी बयान के अनुसार घर पर ईद की नमाज पढ़ रहे हैं तो ईद की नमाज जमात के साथ ही पढ़ी जा सकती है।

इसके लिए घर पर भी इमाम (नमाज़ पढ़ाने वाले) के अलावा कम से कम तीन और लोगों का होना जरूरी है। यानी कि ईद की नमाज के लिए घर पर भी कम से कम 4 लोग होंगे।  इसमें एक इमाम होंगे। बाकी तीन लोग मुक्तदी होंगे।

यह ठीक वैसा ही है जैसा कि जुमा की नमाज के लिए भी कम से कम इमाम समेत चार लोगों का होना जरूरी है। इस बयान से साफ है कि अगर आप घर पर नमाज ईद पढ़ना चाहते हैं तो 4 लोगों के साथ इमाम को लेते हुए एक जमात बना ले और ईद की नमाज़ पढ़ सकते हैं।

ईद की नमाज़ अकेले कैसे पढ़ें – Eid ki namaz akele kaise padhe

किताबों से ये साबित है कि ईद की नमाज़ अकेले नही पढ़ी जा सकती हैं। ईद की नमाज़ हमेशा जमात के साथ ही पढ़ी जा सकती है। इसके लिए कम से कम 4 लोग होने ज़रूरी हैं। इनमें से 1 इमाम होंगे जबकि 3 लोग उनके पीछे नमाज़ पढ़ेंगे।  अब अगर आप ईद की नमाज़ घर पर ( eid ki namaz ghar mein) पढ़ना चाहते हैं तो अकेले यह मुमकिन नही है।

अब अगर ईद की नमाज़ के लिए कम से कम 4 लोगों की जमात पूरी नही कर पा रहे हैं तो इस सूरत में आप अकेले नमाज़ पढ़ना चाहते हैं तो इस सूरत में आप ईद की नमाज़ की बजाय 4 रिकात चास्त की नमाज़ (chast ki namaz) पढ़ लें।

चास्त की नमाज़ भी अन्य नफिल नमाज़ों में से ही एक नमाज़ है। एक बात ध्यान रहे कि चास्त की नमाज़ ईद की नमाज़ का बदला नही होगा। क्यों कि ईद की नमाज़ और चास्त कि नमाज़, दोनो का अपना अपना मकाम है। चास्त की नमाज़ अकेले पढ़ी जाती है। जबकि ईद की नमाज़ के लिए जमात का होना ज़रूरी है।

एक बात ध्यान दें कि लॉकडाउन के कारण धार्मिक स्थलों जैसे मस्जिद में आम आदमियों के जमा होने पर पाबंदी है।  हालांकि जमात से नमाज़ पढ़ने के अनुमति है। लेकिन इस दैरान कम लोग ही एक साथ नमाज़ पढ़ सकते हैं। ईद की नमाज़ भी लॉकडाउन के दौरान मस्जिदों में केवल कुछ लोगों के साथ ही पढ़ी जा सकती है।

इसी तरह ईदगाह को भी ईद के दिन इसी तरह खाली छोड़ने की बजाय 4 लोग के साथ जमात बना कर वहां नमाज़ पढ़नी चाहिए। ध्यान रहे कि किसी भी स्तिथि में वहां ज़्यादा लोग जमा न हो पाए। अगर भीड़ को कंट्रोल करने में दिक्कत होने का अंदेशा हो तो फिर मस्जिद/ईदगाह में भी जमात न करें।

सभी को घर पर ही ईद की नमाज़ जमात के साथ पढ़ने को कहें। अगर घर पर जमात न हो तो अकेले ही 4 रिकात चास्त की नमाज़ पढ़ लें।

यहां एक बात और ध्यान दें कि अगर घर पर जमात बना कर ईद की नमाज़ पढ़ रहे हैं तो वहां भी ज़्यादा लोग जमा न हों, इस बात का ध्यान रखें। कानून का पालन करते हुए ही घर पर भी नमाज़ पढ़ें।

नोट: हमने लॉकडाउन के दौरान ईद की नमाज़ ( Eid namaz during lockdown) के बारे में इस पोस्ट में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है। इस लेख में लिखी गयी बातें प्रमुख इस्लामी संस्था इमारत शरिया बिहार, झारखंड उड़ीसा द्वारा 2020 में ईद के मौके पर जारी लिखित बयान पर आधारित हैं।

शुक्रिया